...तो इसलिए योगी सरकार को चंद्रशेखर को करना पड़ गया ​रिहा

…तो इसलिए योगी सरकार को चंद्रशेखर को करना पड़ गया ​रिहा



Lucknow. उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में वर्ष 2017 में हुई जातीय हिंसा के मुख्य आरोपी और भीम सेना के मुखिया चंद्रशेखर उर्फ रावण को सरकार ने गुरुवार देर रात रिहा कर दिया। रिहाई के बाद चंद्रशेखर ने भाजपानीत केंद्र सरकार और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। चंद्रशेखर को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत जेल भेजा गया था। वह लगभग 16 महीने से जेल में बंद थे। उन्हें गुरुवार देर रात करीब 2 बजे जेल से रिहा किया गया। इस मौके पर उनके कई समर्थक जेल के बाहर जमा रहे। जेल के चारों तरफ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।

सहारनपुर की जेल से रिहाई के तुरंत बाद चंद्रशेखर ने भाजपा पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय की फटकार से सरकार डरी हुई थी, इसलिए खुद को बचाने के लिए उसने उनकी रिहाई का आदेश दिया। चंद्रशेखर ने कहा कि मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि वे 10 दिनों के भीतर मेरे खिलाफ कुछ न कुछ आरोप लगाएंगे। मैं 2019 में भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए अपने लोगों से बात करूंगा।

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चंद्रशेखर की रिहाई को लेकर उप्र के प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने बताया कि चंद्रशेखर को रिहा करने का आदेश सहारनपुर के जिलाधिकारी को गुरुवार को भेज दिया गया था।

प्रमुख सचिव गृह के मुताबिक रिहाई का फैसला उनकी मां के प्रार्थना पत्र पर लिया गया है। चंद्रशेखर के जेल में बंद रहने की अवधि 1 नवंबर 2018 तक थी। उनके साथ बंद दो अन्य आरोपियों सोनू पुत्र नथीराम और शिवकुमार पुत्र रामदास निवासी शब्बीरपुर को भी रिहा करने का निर्णय किया गया है। चंद्रशेखर उर्फ रावण को मई 2017 में सहारनपुर के शब्बीरपुर में जातीय हिंसा के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। चंद्रशेखर भीम सेना बनाकर सुर्खियों में आए थे। उन्हें 8 जून 2017 को हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार किया गया था।

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