हिंदी के लिए अभी और संघर्ष की जरूरत: विकास शुक्ल

हिंदी के लिए अभी और संघर्ष की जरूरत: विकास शुक्ल



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गोला गोकर्णनाथ, खीरी। स्वतंत्रता आंदोलन में हिंदी के अखबार प्रकाशित कर देश में जागरण शुरू हुआ था। उस समय हिंदी ने राष्ट्र को अभिव्यक्ति का माध्यम दिया था और पूरा देश अंग्रेज शासन के विरुद्ध खड़ा हो गया था। जिससे आंदोलन को धार मिली और देश आजाद हुआ था। यह उद्गार मुख्यअतिथि एसडीएम अखिलेश यादव ने नगर पालिका के सभागार में प्रेस जर्नलिस्ट ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित हिंदी के संवर्धन में समाचार पत्रों की भूमिका विषय पर बोलते हुए व्यक्त किये।

उन्होंने कहा कि लार्ड मैकाले ने देश में अंग्रेजी को मुख्य भाषा बनाया, उसेे बदलने की आवश्यकता है। हमें हिंदी को विश्व की भाषा बनाने के लिए अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में अपने बच्चों को न पढ़ाकर हिंदी माध्यम के स्कूलों को प्राथमिकता देनी होगी। श्री यादव ने कहा कि हम अपनी तकनीकि को अपनी भाषा में भी बना सकते हैं, हमें हिंदी में ही प्रश्नपत्र बनाने होंगे, इसके लिए मानसिकता बदलनी होगी। विशिष्ट अतिथि रामरतन अंबेश ने कहा कि हम देशवासियों को हिंदी के संवर्धन की बात हिंदी दिवस पर ही याद आती है। इस दिन कार्यक्रम आयोजित कर विचार प्रकट करते हैं, किंतु बाद में अपनी मातृभाषा को ही भूल जाते हैं।

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विशिष्ट अतिथि उपसम्पादक विकाश शुक्ल ने कहा कि हिन्दी का सबसे ज्यादा प्रचार प्रसार हिन्दी समाचार पत्र ही करते हैं, हिन्दी को आज के परिदृश्य में समाचार पत्रों ने ही बचा रखा है। क्योंकि हिन्दी का अखबार हर गरीब, अमीर, परचून की दुकान में पढने को मिल जाते हैं। आज हमारा दुर्भाग्य है कि सरकारी दफ्तर में फरियाद लेकर जाने वाला अंग्रजी में बात करता है तो उसको तबज्जो अधिक मिलता है। इस परिपाटी को बदलने की जरूरत है।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल ने कहा कि हिंदी और हिंदी पत्रकारिता दोनों एक दूसरे के पूरक हैं। हिंदी पत्रकारिता से ही हिंदी का विकास संभव है। अरविंद पांडे ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ में पहली बार पं अटल बिहारी बाजपेयी ने हिंदी में भाषण देकर हिंदी को जो गौरव विश्व में दिलाया था उसके लिए उन्हें देश सदैव याद रखेगा।

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महेश पटवारी ने कहा कि हम हिंदी के विकास के लिए भाषण देते हैं, किंतु अपने हस्ताक्षर अंग्रेजी में करते हैं, हमें अपने हस्ताक्षर बदलने होंगे। वीरेंद्र वर्मा ने कहा कि हिंदी के विकास और राष्ट्रभाषा पद पर आसीन कराने के लिए देश के नागरिकों को ध्यान देना होगा। हमें आगे बढ़कर हिंदी के विकास के लिए काम करना होगा। उन्होंने कहा कि देश के सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्टों में याचिकाएं अंग्रेजी में स्वीकार की जाती हैं। इस परिपाटी को भी बदलना होगा। इसके लिए हमें संगठित होकर, सुप्रीम कोर्ट और सरकार से मांग करनी चाहिए। साहित्यकार शिप्रा खरे, डॉ वेदप्रकाश अग्निहोत्री, प्रो सुनील गुप्ता, नवनीत वर्मा, बीके शुक्ला, पत्रकार लोकेश कुमार गुप्त आदि ने संबोधित किया। अंत में अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। संचालन श्यामकिशोर अवस्थी ने किया। इस मौके पर अनंग वर्मा, कामता सिंह कुशवाहा, मंदीप वर्मा, पुष्पेंद्र कनौजिया, राजीव अग्निहोत्री, प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार मिश्रा, अनन्तदेव अवस्थी, संजय वर्मा, मनोज यादव, रामकुमार कश्यप, सुनील श्रीवास्तव, अजय अग्निहोत्री सविता गुप्ता, मूलचंद भारद्वाज, बांकेलाल वर्मा, डॉ अनिल कुमार, डॉ राजकुमार, करन राठौर, सचिन शर्मा, मनोज सिंह आदि मौजूद रहे।

हिंदी भाषा के योगदान पर व्याख्यान

नगर के सेंट जॉन्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में छात्र हर्षवर्धन श्रीवास्तव, सुभांशी पांडेय ने हिंदी भाषा के विकास और राष्ट्रीय एकता में हिंदी भाषा के योगदान पर व्याख्यान दिया। इस मौके पर मनप्रीत कौर, दिया चौधरी, रिद्धिमा शर्मा, हरकीरत सिंह, कुश भसीन, उप प्रधानाचार्य फादर समीर प्रकाश, हेडमिस्ट्रेस सिस्टर रोजमिन आदि मौजूद रहे। कृषक समाज इंटर कालेज के पूर्व छात्र शिवम गिरि ने स्वचरित कविता सुनाकर कालेज प्रबंधकध्सांसद रविप्रकाश वर्मा को कविता भेंट की। श्री गुरु हरिकिशन डिग्री कालेज में समारोह आयोजित कर हिंदी का महत्व बताया गया।

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