योगी सरकार ने इस बड़े दलित नेता को किया रिहा, मायावती की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

योगी सरकार ने इस बड़े दलित नेता को किया रिहा, मायावती की बढ़ सकती हैं मुश्किलें



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Lucknow. आगामी लोकसभा चुनाव 2019 से पहले भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने एक बड़ा दांव चल दिया है, जो मायावती के बड़ी चुनौती बन सकता है। दरअसल, योगी सरकार ने दलित नेता को समय से पहले रिहा कराने का ऐलान किया है। बताया जा रहा है कि भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर उर्फ रावण की रिहाई नवम्बर में होनी थी।

भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर उर्फ रावण को बीते वर्ष सहारनपुर में हुए दंगे में लिप्त पाए जाने के आरोप में जून 2017 में गिरफ्तार किया गया था। चंद्रशेखर पर जातीय दंगे भड़काने का आरोप लगा था। इस मामले में पुलिस ने तमाम लोगों को गिरफ्तार किया था। यूपी सरकार ने इस मामले में सोनू, सुधीर, विलास को पहले ही रिहा कर दिया था।

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वहीं, इसके बाद इलाहाबाद हाइकोर्ट से चंद्र शेखर को जमानत मिल गई थी, लेकिन बाद में यूपी सरकार ने उन पर रासुका लगा दिया था, जो आज को हटा दिया गया है। बताया जा रहा है कि सरकार ने चंद्रशोखर की मां की अपील पर विचार करते हुए समयपूर्व रिहाई का फैसला लिया है। सरकार ने चंद्रशेखर के साथ दो अन्‍य आरोपियों सोनू व शिवकुमार को भी रिहा करने का फैसला किया है।

राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो योगी सरकार के इस कदम से भाजपा एससी/एसटी वर्ग में जगह बनाने की कोशिश कर रही है। चंद्रशेखर एससी/एसटी के नेता भी हैं और 2019 चुनाव से पहले भाजपा के लिए कारगर साबित हो सकते हैं। पश्चिमी यूपी में भीम आर्मी के नाम से चंद्रशेखर दलित वोट बैंक का दूसरा धड़ा बन रहा है। पिछले चुनाव में चंद्र शेखर मायावती के खिलाफ भी था। ऐसे में भाजपा पूरा फायदा उठाने की कोशिश में है। माना जा रहा है कि योगी सरकार के इस ने मायावती की मुश्किलें बढ़ा दी है।

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