छोटी काशी के शिवांशु ने कुछ इस तरह बनाया सफल ड्रोन, अब सरकार से मदद की उम्मीद

छोटी काशी के शिवांशु ने कुछ इस तरह बनाया सफल ड्रोन, अब सरकार से मदद की उम्मीद



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मन्दीप कुमार वर्मा

गोला गोकर्णनाथ, खीरी। हौसला कम न हो तो तूफान में भी मंजिल मिल जाती है। मेहनत को इबादत में बदलने से जिंदगी संवर जाती है। जी हां, कुछ लोग अपने हौसले और हुनर की बदौलत सफलता की ऐसी कहानी लिखते हैं कि पूरे समाज के लिए मिसाल बन जाते हैं। ऐसे ही हैं सरस्वती विद्या निकेतन इण्टर कॉलेज के पूर्व छात्र शिवांशु पाल, जिन्होंने कम लागत में ड्रोन बनाकर विद्यालय व देश का नाम रोशन किया है।

शहर के मोहल्ला पूर्वी दीक्षिताना निवासी महेशचंद्र पाल रिटायर फौजी के बेटे शिवांशु पाल ने शहर के सरस्वती विद्या निकेतन इंटर कॉलेज से इंटर के बाद गुरु हरिकिशन डिग्री कॉलेज से बीएससी के बाद बीएड की पढाई कर रहा है। शिवांशु कहते हैं कि भारत सरकार अमेरिका से ड्रोन लेने के करार की खबर उसने अखबार में पढ़ी।

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इसके बाद उसके जेहन में ड्रोन बनाने का ख्याल आया। जिसके बाद उसने अपने सीमित संसाधनों व जेब खर्च से ड्रोन बनाने की तैयारी शुरू करते हुए एक डिवाइस, फैन, मोटर, स्पीड कंट्रोलर, बैट्री आदि संग्रह कर उसने ड्रोन का निर्माण कर दिया, जिसमें महज 13 से 14 हजार रुपए की लागत आई है।

शिवांशु पाल ने बताया कि ड्रोन का प्रयोग सैन्य गतिविधियों में, पक्षियों के झुण्ड को वायु क्षेत्र से हटाने, जंगलों की निगरानी, आपदा प्रबंधन आदि में किया जा सकता है। शिवांशु पाल को उम्मीद है कि इस ड्रोन को और उन्नत बनाने में प्रदेश सरकार उनकी मदद करेगी। कॉलेज के प्रधानाचार्य महेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने पूर्व छात्र शिवांशु पाल को आर्शीवाद देते हुए उन्नति पथ पर अग्रसर रहने की शुभकामना दी है। बालिका विभाग की प्रधानाचार्या मधु त्रिपाठी ने भी शिवांशु पाल को इस उपलब्धि पर बधाई दी और कहा कि अगर हौसले बुलंद हो तो कोई भी काम मुश्किल नहीं है।

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