शिवपाल के सेक्युलर मोर्चा ने शुरू किया खीरी में पैर पसारना

शिवपाल के सेक्युलर मोर्चा ने शुरू किया खीरी में पैर पसारना



Lucknow. प्रदेश में चचा-भतीजे में अलगाव के बाद शिवपाल सिंह यादव के समाजवादी सेक्युलर मोर्चा ने जिले में मजबूती के साथ पैर पसारने शुरू कर दिये है। सपा में उपेक्षित पुराने लोगों के साथ-साथ सपा से जुड़े नये लोग भी मोर्चे की ओर भागने के लिये रास्ता तलाश रहे हैं। सपा में हावी अवसरवादी अपने तार मोर्चे से जोड़ने के जहां फिराक में हैं, वहीं मुस्लिम एवं यादवों में मोर्चे के प्रति झुकाव को देखते हुए कहा जा सकता है कि आने वाले समय में सपा के लिए मोर्चा खासा घातक साबित हो सकता है। 2019 के होने वाले लोकसभा चुनाव में प्रदेश की 80 सीटो पर चुनाव लड़ने का ऐलान से सपा, बसपा एवं कांग्रेस के महागठबंधन को झटका लगा सकता है।

sp leader shivpal yadav
शिवपाल यादव

तमाम अटकलो एवं चर्चाओ के बीच समाजवादी सेक्युलर मोर्चे के मुखिया शिवपाल सिंह यादव के द्वारा प्रदेश की 80 लोकसभा सीटो पर चुनाव लड़ने की घोषणा ने प्रदेश की राजनीति में एक भूचाल सा ला दिया। वहीं संगठन का जिस प्रकार से विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। उससे पुराने खेमे में घबराहट सी दिखाई दे रही है। 1992 में जिले मे सपा का पौधा रोपित करने वाले कु. धीरेन्द्र बहादुर सिंह ने जिस प्रकार गांवों मजरों तक जा-जाकर मजबूत संगठन खड़ा किया था।

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उस मजबूत पेड़ को अखिलेश यादव ने जिस प्रकार अपने पिता और सपा के संस्थापक को बाहर का रास्ता दिखाया उसी प्रकार उनकी प्रदेश भर की टीम को बाहर कर अवसरवादियों को बढ़ावा दिया। जिसके परिणाम भी सामने हैं। 1992 वाले बाहर हो चुके सपाई प्रदेश भर की भांति जिले में भी अलग-थलग अज्ञातवास झेल रहे थे। समाजवादी सेक्युलर मोर्चे के गठन से वेंटीलेटर पर चल रहे सपाईयो में अचानक रक्त संचार सा हुआ और वो इस नई राह पर चलने के लिये गुणा-भाग लगाने लगे है।

मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्र से भी पुराने चेहरों के साथ-साथ नए लोग भी मोर्चे में शामिल हो सकते हैं। बीते लोकसभा चुनाव में यादव वर्ग अपनी उपेक्षा एवं अपनी जाति के नेताओ के द्वारा लूटे जाने से त्रस्त होकर भाजपा प्रत्याशी को वोट दिया था। भाजपा में भी वोट न गिने जाने एवं अपनी उपेक्षा से त्रस्त होकर इस मोर्चे की ओर भागने के फिराक में है।

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वहीं, मोर्चे में मुस्लिम समाज को मिल रहे महत्व को देखते हुए मुस्लिम एवं पिछड़ी जातियों में भी मोर्चे को लेकर उत्साह सा दिखाई दे रहा है। मोहम्मदी एवं बरबर में नगर अध्यक्ष एवं विधानसभा अध्यक्ष तथा जिला कार्यकारणी में पद पाने के लिए लोगों ने जोड़-तोड़ शुरू कर दी है। सपा में हावी अवसरवादी सहित कुछ व्यक्ति विशेष वादी लोग भी मोर्चे के नेताओ से सम्पर्क साधने का प्रयास कर रहे है तो कुछ सपा नेता दोनों नावों की सवारी के फिराक में है। इससे सपा को झटका लगा सकता है।


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