वामपंथी विचारकों की गिरफ्तारी पर मायावती का बडा बयान

वामपंथी विचारकों की गिरफ्तारी पर मायावती का बडा बयान



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Lucknow. वामपंथी विचारकों की गिरफ्तारी को लेकर बसपा अध्यक्ष मायावती ने मोदी सरकार पर बडा बयान देते हुए कहा कि दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों के प्रति शोषण, अत्याचार और जमीन बेदखली के खिलाफ लडऩे वाले बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ सरकार दमन करने में लगी हुई है। मायवती ने केंद्र की मोदी सरकार पर निरकुंश होने और सत्ता का दुरूपयोग करने का आरोप लगाया है। बसपा सुप्रीमों ने सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की निन्दा की और कहा कि यह गिरफ्तारियां सरकार द्वारा अपनी विफलताओं पर से लोगों का ध्यान बांटने का जरिया है।

मायावती ने बुधवार को आईपीएन में भेजे बयान में कहा कि दलितों के स्वाभिमान से जुड़े महाराष्ट्र के भीमा-कोरेगाँव (पुणे) में बीती जनवरी में आयोजित द्विशताब्दी कार्यक्रम की सफलता भाजपा सरकार को पसन्द नहीं आई। इस लिए वहां हिंसा फैलाई गई और अब उसकी आड़ में देश के दलितों, आदिवासियों के हक के लिए संघर्ष करने वाले बुद्धिजीवियों व सामाजिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने यह गिरफ्तारियां देश में सरकारी आतंक व भय फैलाने के लिये की गई है, जो भाजपा सरकार की निरकुंशता व सत्ता के दुरूपयोग की प्रकाष्ठा है। इसकी जितनी भी निन्दा की जाये वह कम है।

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मायावती ने कहा कि ’नक्सल समर्थकों’ के नाम पर बुद्धिजीवियों की गिरफ्तारी के जरिए बीजेपी की सरकारें अपनी घोर विफलताओं पर से लोगों का ध्यान बांटना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भीमा-कोरेगाँव में हिंसा मामले में जिन पर एफ.आई.आर. हैं उन्हें गिरफ्तार करने के बजाए दलितों, आदिवासियों के लिए लड़ने वाले लोगों को टारगेट किया जा रहा है। भाजपा सरकारों को ऐसी लोकतंत्र-विरोधी हरकतों से बचना चाहिये।

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मायावती ने भाजपा सरकार के उस तर्क पर भी कटाक्ष किया, जिसमें कहा गया है कि ‘पी.एम. मोदी की हत्या की साज़िश रचने के आरोप में छः राज्यों में छापे व 5 प्रमुख लोगों की गिरफ्तारियाँ हुई हैं।’ मायावती ने कहा कि यह हथंकड़ा गुजरात में बीजेपी सरकार के उस दौर की याद दिलाता है जब मुख्यमंत्री की हत्या की साजिश को विफल करने की आड़ में लगातार फर्जी पुलिस इंकाउण्टर हुआ करते थे।

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