मायावती फिर करेंगी पार्टी में बड़ा बदलाव, ये है लक्ष्य

मायावती फिर करेंगी पार्टी में बड़ा बदलाव, ये है लक्ष्य



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New Delhi. आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों को लेकर बहुजन समाज पार्टी किसी भी प्रकार से कोई लापरवाही नहीं करना चाहती है। इसी कड़ी में बसपा ने संगठन को मजबूत करने के लिए बड़ा लक्ष्य, मजबूत सेना के उद्देश्य से संगठन का दायरा कई गुना करने जा रहा हैं। इसके लिए संगठन में ढांचे में भी बदलाव किया जाएगा।

बहुजन समाज पार्टी सभी वर्गों को जोड़ने के लिए संगठन में बड़े स्तर से बदलाव करेगी। इसी कड़ी में बसपा प्रमुख मायावती ने मंडलीय बैठकों में निर्देश दिए हैं कि हर जिले में 23 सदस्यों की बूथ कमेटियां जल्द बनाई जाएं। पिछले चुनाव तक पांच सदस्यों की बूथ कमेटियां होती थीं। इसी तरह जिला को-ऑर्डिनेटर के स्थान पर अब सेक्टर स्तर के प्रभारी बनाए जा रहे हैं। ज्यादातर जिलों में 40 से ज्यादा सेक्टर प्रभारी बनाए जा रहे हैं।

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लोकसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ गठबंधन को आकार देने में सभी विपक्षी दल जुटे हुए हैं। कांग्रेस की केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक से मिले संकेत के अनुसार मध्य, प्रदेश राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में वह बसपा का साथ लेने जा रही है। इसके बदले बसपा यूपी में ज्यादा से ज्यादा सीटें लेने के लिए दबाव बनाए हुए है। कांग्रेस ने इसका भी इशारा कर दिया है कि वह यूपी में गिनी-चुनी सीटों पर ही चुनाव लड़ेगी। वहीं, अखिलेश यादव पहले ही कह चुके हैं कि भाजपा को हराने के लिए हम कम सीटों के लिए भी तैयार हैं। ऐसे में बसपा को यूपी में सबसे ज्यादा सीटें मिलने की उम्मीद है। उसी के अनुसार पार्टी ने तैयारी भी तेज कर दी है।

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मायावती लगातार दिल्ली में ही रहकर रोजाना प्रदेश के मंडलों की समीक्षा कर रही हैं। लखनऊ, आगरा, अलीगढ़, झांसी, चित्रकूट, मीरजापुर, मेरठ, सहारनपुर मंडलों की भी वह अलग-अलग दिन बैठकें ले चुकी हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार मायावती ने 23 सदस्यों की बूथ कमिटियां जल्द गठित करने के आदेश दिए हैं। इसमें एक अध्यक्ष, महामंत्री और कोषाध्यक्ष होंगे। कमिटी में सभी वर्गों को भागीदारी देने को कहा गया है। उसमें भी आधे युवाओं को जगह देने के निर्देश हैं। कुछ जिलों में पहले से ही को-ऑर्डिनेटर का पद नहीं है। जहां है, वहां भी इसे खत्म करते हुए उन्हें सेक्टर स्तर की जिम्मेदारी दी गई है। जिलों की वोटर संख्या के आधार पर सेक्टर प्रभारियों की तैनाती की जाएगी। एक प्रभारी को चार से पांच सेक्टरों की जिम्मेदारी मिल रही है।

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