मायावती ने फिर किया पार्टी में बड़ा फेरबदल, इस नेता को दी यूपी में बड़ी जिम्मेदारी

मायावती ने फिर किया पार्टी में बड़ा फेरबदल, इस नेता को दी यूपी में बड़ी जिम्मेदारी



New Delhi. आगामी लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती लगातार बड़े निर्णय लेने से भी नहीं चूक रही हैं। मायावती लगाातर संगठन में बदलाव करती हुई नजर आ रही हैं। अब मायाती ने मंडलीय बैठकों की कमान खुद संभाल ली है। बताया जा रहा है कि वह मंडलों के पदाधिकारियों की बैठक ले रही हैं। मायावती ने लखनऊ समेत कई मंडलों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर बूथ स्तर तक कमेटियों के गठन का निर्देश दिया। बसपा के मेरठ में हुए मेरठ और सहारनपुर मंडल के मंडलीय सम्मेलन में पार्टी के दोनों मंडलों के सभी पदाधिकारी मौजूद रहे। इस सम्मेलन में बसपा में बड़ा फेरबदल देखने को मिला।

दरअसल पार्टी हाईकमान द्वारा इस सम्मेलन में प्रत्येक मंडल में एक 23 सदस्यों की बथ कमेटी बनाने को कहा गया। जिसमें एक अध्यक्ष, एक महामंत्री व एक कोषाध्यक्ष के अलावा 20 सचिव भी रहेंगे। जबकि जिला कोऑर्डिनेटर अब सेक्टर स्तर पर काम देखेंगे। इसी के मद्देनजर मेरठ में 49 जिलाकोऑर्डिनेटर बनाए गए हैं। दो महीने पहले पश्चिमी यूपी के प्रभारी शमशुद्दीन राइन के साथ चार और मुख्य जोन कोऑर्डिनेटर बनाए गए थे।

यह भी पढ़ें … अब मायावती ने खुद संभाली कमान, ये चेतावनी दी

बसपा सुप्रीमो मायावती ने अब इन चारों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। अब पश्चिमी यूपी का प्रभार सिर्फ शमशुद्दीन राइन के पास रहेगा। पश्चिमी यूपी के चार मंडलों से हटाए गए मुख्य जोन कोऑर्डिनेटर राजकुमार गौतम को अब बरेली मंडल, गिरीश चंद को मुरादाबाद मंडल, सूरज सिंह को मेरठ मंडल पर लगाया है। इसके अलावा मेरठ-सहारनपुर मंडल के प्रभारी सतपाल पेपला से सहारनपुर का प्रभार लेकर मेरठ का कोऑर्डिनेटर बनाया है। साथ ही कमल सिंह को भी मेरठ में लगाया है। सहारनपुर मंडल में नरेश गौतम और जनेश्वर प्रसाद को मंडल कोऑर्डिनेटर बनाया है।

बता दें कि लोकसभा और मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बसपा सुप्रीमो मायावती लम्बे समय से दिल्ली में हैं। गठबंधन को लेकर भी वह कई अन्य दलों के सम्पर्क में हैं। यही वजह है कि पिछले दिनों उन्होंने पहली बार राष्ट्रीय समन्वयक का पद बनाकर यह जिम्मा वीर सिंह और जय प्रकाश सिंह को सौंप दिया था। उनको ही यूपी में मंडलीय सम्मेलनों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लेकिन लखनऊ में हुए मंडलीय सम्मेलन में जय प्रकाश के द्वारा राहुल गांधी पर दिए गए विवादित बयान के कारण उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया।

कार्यकर्ताओं को दी यह नसीहत

मायावती ने कार्यकर्ताओं को यह नसीहत दी कि वे सिर्फ संगठन के काम पर अपनी नजर रखें। बूथ स्तर तक कमेटियों का गठन करें। पार्टी को समर्पित और मिशनरी कार्यकर्ताओं की जरूरत है। ऐसे लोगों को ही संगठन में प्राथमिकता दें। साथ ही युवाओं को संगठन में अधिक से अधिक अहमियत दें। बूथ स्तर तक हर कमेटी में 50 प्रतिशत युवाओं को तरजीह दी जाए। साथ ही गठबंधन का फैसला अपने राष्ट्रीय नेतृत्व पर छोड़ दें।

यह भी पढ़ें … मुलायम की छोटी बहू ने अखिलेश की बढ़ाई मुसीबत, कही ये बड़ी बात


You may also like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *