लोकसभा चुनाव 2019: यूपी में बसपा के साथ गठबंधन तय, सीटों पर फैसला जल्द

लोकसभा चुनाव 2019: यूपी में बसपा के साथ गठबंधन तय, सीटों पर फैसला जल्द



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New Delhi. आगामी लोकसभा चुनाव 2019 से पहले समाजवादी पार्टी-बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस का गठबंधन तय हो गया है। सीटों को लेकर भी जल्द ही अंतिम फैसला हो जाएगा। सूत्रों ने बताया कि गठबंधन को लेकर तीनों दलों के बीच कई स्तर की बातचीत हुई है। बातचीत पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी स्वयं नजर रखे हुए हैं। माना जा रहा है कि गठबंधन के बाद यूपी में भाजपा ​को सिर्फ पांच सीटों पर ही जीत मिलेगी।

सूत्रों के मुताबिक, आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समान विचारधारा वाले दलों से गठबंधन को तैयार हैं। हालांकि शिवसेना से गठबंधन पर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। माना जा रहा है कि शिवसेना की विचारधारा कांग्रेस से अलग है।महाराष्ट्र में कांग्रेस और एनसीपी एक साथ चुनाव लड़ेंगे। कांग्रेस का मानना है कि यूपी और बिहार की 120 सीटों पर भाजपा बुरी तरह से हारेगी और पार्टी को भरोसा है कि मध्य प्रदेश, राजस्थान छत्तीसगढ़ में उसकी सरकार बन रही है।

आम आदमी पार्टी से अभी सहमति नहीं

कांग्रेस में अभी दिल्ली को लेकर भी संशय बना हुआ है क्योंकि आम आदमी पार्टी से गठबंधन को लेकर राहुल गांधी ने अभी अपना मन नहीं बनाया है। खास बात ये भी है कि चूंकि दिल्ली और तेलंगाना में वहां की सत्ताधारी पार्टियों से कांग्रेस सीधे लड़ाई लड़ रही है, इसलिए इन राज्यों में गठबंधन का अंतिम फैसला राज्य इकाइयों की सहमति से किया जाएगा। बहुत संभव है कि इन राज्यों में कांग्रेस अकेले ही चुनाव लड़े।

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प्रियंका गांधी लड़ सकती है रायबरेली से चुनाव

पार्टी सूत्रों की मानें तो यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी अगर रायबरेली से चुनाव नहीं लड़ेंगी तो प्रियंका गांधी को के चुनाव मैदान में उतारा जाएगा। हालांकि सोनिया गांधी चुनाव लड़ेंगी या नहीं इसका फैसला वह खुद करेंगी‌। इस संबंध में अभी पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी और पूर्व अध्यक्ष के बीच बात नहीं हुई है। कांग्रेस का दावा है कि अगले आम चुनाव में वह पीएम नरेंद्र मोदी को सरकार से बाहर कर देगी। अगर बीजेपी को 230 से कम सीटें मिलती हैं तो नरेंद्र मोदी किसी सूरत में प्रधानमंत्री नहीं बन पाएंगे।

ये है रणनीति

माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में आगामी होने वाले चुनावों में कांग्रेस अध्यक्ष अभी किसी को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाने के मूड में नहीं हैं। जबकि आम चुनावों की बात की जाए तो कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व बहुत ही स्पष्ट है। कांग्रेस का मानना है कि पहले सभी दलों को एक साथ लाना है। इसके बाद ही साफ होगा कि जिन राज्यों में कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल है या सत्ता में है, वहां कांग्रेस ही ज्यादा सीटों पर लड़ेगी और जहां कांग्रेस कमजोर है वहां दूसरी पार्टियों को तरजीह मिलेगी। सीटों के तय हो जाने के के बाद ही तय किया जाएगा कि प्रधानमंत्री कांग्रेस का होगा या किसी दूसरे दल का।

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