गठबंधन से पहले कांग्रेस के सामने बसपा ने रखी ये बड़ी मांग

गठबंधन से पहले कांग्रेस के सामने बसपा ने रखी ये बड़ी मांग



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New Delhi. आगामी चुनावों की तारीख नजदीक आते ही कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी में गठबंधन को लेकर भी कयास लगने शुरू हो गए हैं। बताया जा रहा है कि बसपा इस बार 15 सीटों पर कांग्रेस से समझौता कर सकती है, जबकि कांग्रेस सिर्फ 3 से पांच सीटें ही देना चाह रही है।

मध्यप्रदेश के बाद अब बहुजन समाज पार्टी की की नजरें छत्तीसगढ़ में होने वाले गठबंधन को लेकर है। छत्तीसगढ़ में गठबंधन इसलिए भी जरूरी माना जा रहा है, क्योंकि पिछले चुनावों में जिन स्थानों पर कांग्रेस की हार हुई है वहां पर बसपा के नेताआें ने काफी वोट काटे थे। यही वोट जीत-हार में निर्णायक भूमिका में रहे हैं। इस लिहाज से कांग्रेस नेता भी गठबंधन की संभावना से इंकार नहीं कर रहे हैं। भले ही वे इसका फैसला दिल्ली से होने की बात कह रहे हों, लेकिन कहीं न कहीं वे भी यह चाहते हैं कि बसपा से गठबंधन हो जाए।

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बता दें कि हाल ही में बसपा नेताआें की एक बैठक राजधानी रायपुर में आयोजित की गई थी। जहां पर आगामी चुनाव के लिए रणनीति आैर गठबंधन को लेकर बातचीत हुई। पार्टी सूत्रों ने बताया कि बसपा ने अपने सुप्रीमो मायावती को अपनी रिपोर्ट भेज दी है जिसमें उन्होंने प्रदेश की 15 सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है साथ ही यह भी कहा है कि यदि इन सीटों पर हमें कांग्रेस समर्थन देती है तो गठबंधन करने में कोई तकलीफ नहीं है। कुछ दिन पहले ही मायावती ने लखनऊ में यह कहा था कि यदि छत्तीसगढ़ में उन्हें सम्मानजनक सीटें मिलती हैं तो उन्हें गठबंधन से कोई आपत्ति नहीं है। वहीं दूसरी आेर कुछ दिन पहले ही कांग्रेस चुनाव अभियान समिति की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में समिति के अध्यक्ष डॉ.चरणदास महंत ने गठबंधन की संभावनाओं से इंकार नहीं करते हुए कहा था कि हम बसपा को वह पांच सीटें दे सकते हैं जहां उनका प्रभाव ज्यादा है। हालांकि उन्होंने भी कहा था कि गठबंधन का फैसला दिल्ली में ही होगा।

गौरतलब है कि बसपा ने साल 2003 में 54 सीटों पर चुनाव लड़ा था, उनमें से दो सीटें जीते थे। उनके वोट का कुल शेयर 4.45 प्रतिशत था तथा उन्हें कुल 4 लाख 29 हजार 334 वोट मिले थे। साल 2008 में 90 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली बसपा ने दो सीटें जीती थीं। इस बार 6 लाख 56 हजार 210 वोट पाए आैर वोट शेयर 6.11 था। इसी तरह साल 2013 में बसपा ने फिर 90 सीटों पर चुनाव लड़ा पर इस बार सिर्फ एक प्रत्याशी ही विजयी हो सका। कुल 5लाख 58 हजार 424 वोट मिले जबकि वोटों का शेयर 4.27 प्रतिशत था। हालांकि बसपा नेताआें ने सुप्रीमो मायावती के पास जो रिपोर्ट भेजी है उसके मुताबिक वो 16 सीटों पर इस बार चुनाव जीतने की बात कह रहे हैं। स्थानीय बसपा नेताआें का कहना है कि यदि कांग्रेस उन्हें 10 से 15 सीटें देती है तो निश्चित ही कांग्रेस के साथ गठबंधन हो सकती है।

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