छोटी काशी संघर्ष समिति ने चलाई अनोखी मुहिम, विधायक का मिला साथ

छोटी काशी संघर्ष समिति ने चलाई अनोखी मुहिम, विधायक का मिला साथ



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मन्दीप कुमार वर्मा

गोला गोकर्णनाथ, खीरी। शहर के पौराणिक शिव मंदिर सहित लगभग दो दर्जन मंदिरों में प्रतिदिन अर्पित कुन्तलों फूल बेल पत्र आदि इधर-उधर फेंके जाने से जहां गंदगी और प्रदूषण आदि फैलता हैं वहीं इस कार्य से श्रद्धालुओं की आस्था का खुलेआम मखौल उडाया जाता है। जिसको लेकर छोटी काशी संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने वीणा उठाते हुये अब इन्हीं फूलों से अगरबत्ती बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।

समिति के लोकेश व महेश पटवारी ने पौराणिक तीर्थ छोटी काशी गोला के शिव मंदिर में प्रतिदिन अर्पित होने वाले फूल, पुष्प आदि को इधर उधर फेंके जाने के बजाए प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की तर्ज पर यहां भी इन फूल पुष्पों से अगरबत्ती बनाए जाने की मांग सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की है। इस कार्य के लिए विधायक अरविन्द गिरि ने समिति के पदाधिकारियों का साथ देते हुये इस कार्य को आगे बढाने के लिए हर सम्भव सहायता का भी आश्वासन दिया। समिति के पदाधिकारियों का कहना कि इस कार्य की शुरूआत हो जाने से शहर में रोजगार के अवसर होगें वहीं गंदगी से निजात भी मिलेगी।

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पांच कुन्तल निकलती है मंदिर की वेस्ट सामग्री

शहर के पौराणिक शिवालय में यूं तो प्रतिदिन भक्तों श्रद्वालुओं द्वारा चढाई जाने वाली पूजन सामग्री का मलबा औसतन ढाई से तीन कुंतल तक होता है। जबकि सावन मेला, चौती मेले सहित विभिन्न माहों व पर्वों पर यह औसत बढकर 12 से 15 क्विंटल तक हो जाता है। इधर सावन माह में मंदिर से निकलने वाली यह वेस्ट सामग्री करीब चालिस से पचास कुंतल तक पहुंच जाती है।

bjp mla arvind giri

विधायक अरविन्द गिरि ने सहयोग का दिया आश्वासन

मंदिर से निकलने वाली इस वेस्ट सामग्री की रिसाईकिलिग कर धूपबत्ती व अगरबत्ती बनाने के लिए छोटी काशी संघर्ष समिति की सार्थक पहल पर क्षेत्रीय विधायक अरविंद गिरि ने समिति के पदाधिकारियों से वार्ता कर समस्या का समुचित हल निकालने के लिए हरसंभव सहयोग के साथ शासन स्तर से मिलने वाले अनुदान के लिए साझा प्रयासों के साथ भूमि आदि की उपलब्धता पूरी किए जाने का आश्वासन दिया है।

देव स्थानों की तर्ज पर रिसाईकिलिग के प्रयास तेज

मंदिर से निकलने वाली पूजन की वेस्ट मैटीरियल की रिसाईकिलिग कर राजस्थान के खाटू श्याम मंदिर, झारखंड की राजधानी रांची में पहाडी वाले शिव मंदिर आदि से धूपबत्ती, अगरबत्ती आदि बनाने का कार्य किया जा रहा है। वहीं प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के विख्यात मंदिरों से निकलने वाली पूजन की वेस्ट सामग्री से अगरबत्ती, धूपबत्ती आदि बनाने की योजना क्रियान्वन में है।

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