लोकसभा चुनाव: गठबंधन को लेकर समाजवादी पार्टी ने लिया ये बड़ा फैसला

लोकसभा चुनाव: गठबंधन को लेकर समाजवादी पार्टी ने लिया ये बड़ा फैसला



Share on FacebookTweet about this on TwitterShare on Google+Pin on PinterestShare on LinkedIn

Lucknow. आगामी लोकसभा चुनाव 2019 और तीन राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को राजनीतिक दलों में सरग​र्मी तेज हो गई है। एक ओर जहां भारतीय जनता पार्टी लगातार जनता के बीच अपनी आमद पेश करने में जुटी हुई है। वहीं, गैरभाजपाई दल सत्ताधारी भाजपा को हराने के लिए गठबंधन के लिए प्लान बना रहे हैं।

समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में आगामी चुनावों को लेकर रणनीतियों पर चर्चा की गई। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव और आगामी लोकसभा चुनाव में दूसरे दलों से गठबंधन की बातचीत और इस पर फैसला लेने के लिए अखिलेश यादव को अधिकृत किया गया है। प्रमुख महासचिव प्रो. राम गोपाल यादव ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ही फैसला करेंगे कि पार्टी कितनी सीटों पर लड़ेगी। मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के चुनाव में दूसरे दलों से बातचीत और सीटों के बंटवारे पर भी वही निर्णय करेंगे। उनका फैसला पार्टी का फैसला होगा।

यह भी पढ़ें … बसपा सुप्रीमो मायावती ने बढ़ाई मोदी और शाह की धड़कनें!

बैलट पेपर से चुनाव कराने के पक्ष में सपा

उन्होंने बताया कि कार्यकारिणी बैठक में तय हुआ कि आगामी चुनाव बैलट पेपर से कराने के लिए पार्टी चुनाव आयोग से अनुरोध करेगी। प्रो. राम गोपाल ने बताया कि यह निर्णय भी किया गया है कि यदि चुनाव आयोग ने ईवीएम की जगह बैलट पेपर से चुनाव कराने की बात न मानी तो दूसरे दलों से बातचीत कर आंदोलन किया जा सकता है। यह पूछे जाने पर कि आंदोलन का स्वरूप क्या होगा, उन्होंने कहा कि हम आयोग के दरवाजे पर बैठ जाएंगे। यदि आयोग ने मांग नहीं मानी के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम गोली तो मार नहीं सकते, गांधीवादी लोग हैं, उन्हीं की तर्ज पर विरोध जताएंगे।

जीत के लिए सहयोगी दलों को दिया धन्यवाद

एक अन्य प्रस्ताव के जरिये तीन लोकसभा और एक विधानसभा उपचुनाव में सपा और सहयोगी दलों की जीत के लिए मतदाताओं का धन्यवाद जताया गया। कार्यकारिणी ने अंत में प्रख्यात कवि गोपाल दास नीरज, पार्टी राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व सांसद रामजीलाल सुमन की पत्नी तथा राष्ट्रीय सचिव राजीव राय के पिता के निधन पर श्रद्घांजलि दी।

यह भी पढ़ें … मोदी सरकार के इस फैसले से नाराज हुआ ये बड़ा दलित नेता, दे डाली चेतावनी


You may also like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *