कांग्रेस के इस बड़े नेता ने किया ऐलान, मध्य प्रदेश में ये होंगे मुख्यमंत्री पद के उम्मीवार

कांग्रेस के इस बड़े नेता ने किया ऐलान, मध्य प्रदेश में ये होंगे मुख्यमंत्री पद के उम्मीवार



Share on FacebookTweet about this on TwitterShare on Google+Pin on PinterestShare on LinkedIn

Bhopal. आगामी लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव किसी चुनौती से कम नहीं हैं। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए लगभग तीन माह का ही समय बचा है, पर कांग्रेस हाईकमान की ओर से अभी मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई उम्मीवार घोषित नहीं किया जा सका है। ऐसे में मध्य प्रदेश कांग्रेस कार्यकर्ताओं अटकलों का दौर भी शुरू हो गया है।

मध्य प्रदेश में बीते 15 सालों से सत्ता से बाहर कांग्रेस मजबूती के साथ चुनावों की तैयारी में जुटी हुई है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर प्रदेश में कांग्रेस किसे मुख्यमंत्री पद के लिए उतारेगी। कांग्रेस हाईकमान मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर अभी उलझा हुआ जरूर दिखाई दे रहा है, लेकिन इस बीच कांग्रेस महासचिव एवं राज्य के प्रभारी दीपक बाबरिया अपने बयान के जरिए मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर एक दावा किया है।

यह भी पढ़ें… मध्य प्रदेश चुनाव : बसपा ने अब बनाई यह रणनीति, कांग्रेस-भाजपा में हड़कम्प

उनका कहना है कि अगर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है तो कमलनाथ या ज्योतिरादित्य सिंधिया मुख्यमंत्री बन सकते हैं। दीपक बाबरिया चुनावों को लेकर पार्टी को मजबूत करने में लगे हुए हैं वह राज्य भर में घूम रहे हैं। लगातार बैठकें भी कर रहे हैं। इन बैठकों में बाबरिया मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री का राग छेड़ कर नेताओं की महत्वाकांक्षाओं को जागृत करने का काम भी कर रहे हैं। अनुसूचित जाति मोर्चा की बैठक में उन्होंने ऐलान कर दिया कि प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष सुरेन्द्र चौधरी भी राज्य के उपमुख्यमंत्री बन सकते हैं। बाबरिया के इस ऐलान से कमलनाथ समर्थक नाराज हो गए।

कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा मुख्यमंत्री पद के अन्य दावेदार प्रतिपक्ष के नेता अजय सिंह, पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेश पचौरी और अरुण यादव हैं। अरुण यादव पिछड़ा वर्ग का होने के कारण अपना दावा बनाकर रखे हुए हैं। जबकि अजय सिंह प्रतिपक्ष के नेता के कारण दावेदार हैं। सुरेश पचौरी चुनाव परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। वर्तमान में वे कमलनाथ और सिंधिया के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। पार्टी ने उन्हें चुनाव की रणनीति बनाने की जिम्मेदारी दी है।

यह भी पढ़ें… मध्य प्रदेश चुनाव: अब कांग्रेस को इस बड़ी पार्टी का मिला समर्थन, भाजपा में मचा हड़कम्प

हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री पद की दावेदारी से अपने आपको दूर रखा है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह मेरी मर्जी है कि मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहता। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया दोनों को ही बराबरी पर रखकर चल रहे हैं। दोनों ही मुख्यमंत्री बनने की इच्छा रखते हैं। कमलनाथ वर्ष 1993 में भी राज्य के मुख्यमंत्री बनना चाहते थे लेकिन उस वक्त तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिंहाराव ने उन्हें केन्द्र सरकार में ही बने रहने के लिए कहा था। दिग्विजय सिंह राज्य के मुख्यमंत्री बन गए थे। वर्ष 2003 से कांग्रेस सत्ता से बाहर चल रही है।

कमलनाथ ने इन पंद्रह सालों में कई बार राज्य कांग्रेस की कमान संभालने की इच्छा जाहिर की, लेकिन पार्टी नेतृत्व तैयार नहीं हुआ। पहली बार कमलाथ प्रदेश की राजनीति में सक्रिय हुए हैं। बताया जाता है कि कमलनाथ के दबाव में ही राहुल गांधी ने राज्य में मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं किया है। पार्टी कमलनाथ को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर चुनाव में कोई खतरा नहीं उठाना चाहती है। पार्टी को अंदेशा है कि यदि एक चेहरे को आगे कर चुनाव लड़ा गया तो पार्टी की हार तय है।

यह भी पढ़ें… मध्य प्रदेश को लेकर राहुल गांधी ने कर दिया ये बड़ा ऐलान, भाजपा में मच गई खलबली


You may also like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *