वाराणसी में निर्माणाधीन पुल गिरने से 18 की मौत, दर्जनों घायल

वाराणसी में निर्माणाधीन पुल गिरने से 18 की मौत, दर्जनों घायल



लखनऊ। वाराणसी के कैंट एरिया में निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा गिरने गया, जिससे उसके नीचे बड़ी संख्या में लोग और गाडिय़ां दब गईं। इस हादसे करीब 18 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 50 से अधिक लोगों के मलबे में दबे होने की सूचना है। वहीं, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की तीन सदस्यीय एक टीम गठित की है। यह टीम 48 घंटे में अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेगी। यही नहीं, मुख्यमंत्री ने वाराणसी हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को 5-5 लाख तथा घायलोंं को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने पुलिस, स्वास्थ्य व जिला प्रशासन को हादसा प्रभावितों की हर सम्भव सहायता देने के निर्देश दिए हैं।

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वाराणसी के कैंट क्षेत्र में फ्लाईओवर का निर्माण लंबे समय से चल रहा है। फ्लाईओवर का पिलर मंगलवार शाम को अचानक गिर गया। इसमें कई गाडिय़ां चपेट में आई गई। हादसे में 18 लोगों की मौत और 50 लोगों के घायल होने की खबरें आ रही हैं। हालांकि अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की हैं। कैंट रेलवे स्टेशन के पास हुए इस हादसे में नीचे खड़ी गाडय़िां जहां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं वहीं, भारी पुल के मलबे में दबकर कई लोगों को जान गंवानी पड़ी। मलबे से लोगों को निकालने के लिए फौरन बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है।

राहत और बचाव में जुटी एनडीआरएफ

उत्तर प्रदेश पुलिस डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि फौरन बचाव टीम को भेजकर लोगों को निकालने का काम शुरू कर दिया गया है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें हादसे में बचाव के लिए पहुंच रही हैं और लोगों को निकालने की कोशिश जारी है। एनडीआरएफ की उपकरणों से लैस पांच टीमों को घटनास्थल पर भेजा गया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तथा राज्य मंत्री नीलकंठ तिवारी घटना स्थल पर पहुंचने के लिए वाराणसी रवाना हो गए हैं।

मृतकों के परिजनों को मुआवजे का ऐलान

वहीं, वाराणसी दुर्घटना में लोगों की मृत्यु पर मुख्यमंत्री योगी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए तथा घटना में घायल लोगों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक मदद उपलब्ध कराने की घोषणा की है। सीएम योगी ने जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं कि वे तत्काल प्रभावितों को हर सम्भव सहायता प्रदान करें।

घटना की जांच के आदेश

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस घटना की जांच के लिए मुख्यमंत्री ने तीन वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम गठित की गई है, जिसमें कृषि उत्पादन आयुक्त आरपी सिंह, इंजीनियर इन चीफ सिंचाई भूपेन्द्र शर्मा एवं जल निगम के प्रबंध निदेशक राजेश मित्तल को नामित किया गया है। मुख्यमंत्री ने टीम को घटना की पूरी जांच तथा दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई प्रस्तावित करने एवं तकनीकी व अन्य सभी बिन्दुओं पर रिपोर्ट देने के लिए 48 घण्टे का समय दिया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने भी लिया संज्ञान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर मुख्यमंत्री योगी से बात की है। ट्वीट में पीएम ने लिखा, मैंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वाराणसी में निर्माणाधीन पुल गिरने से हुए हादसे पर बात की। उत्तर प्रदेश सरकार स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए है और हादसे से प्रभावित लोगों की मदद के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रही है।

बता दें, हाल ही में डेप्युटी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने यहां का दौरा किया था और इस पुल का निर्माण कार्य जल्द पूरा करने का आदेश भी दिया था। उत्तर प्रदेश सेतु निगम के अंतर्गत 7741.47 लाख की लागत से बन रहे इस फ्लाईओवर में निगम पर घटिया निर्माण सामग्री लगाने का आरोप भी लग रहा है। पुल का निर्माण इसी साल अक्टूबर तक पूरा होना था। ऐसे में एक सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या काम जल्दबाजी में जैसे-तैसे निपटाया जा रहा था और गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया।

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