माध्यमिक विद्यालयों में महिला शिक्षकों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं : उप मुख्यमंत्री

माध्यमिक विद्यालयों में महिला शिक्षकों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं : उप मुख्यमंत्री



माध्यमिक विद्यालयों में महिला शिक्षकों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं : उप मुख्यमंत्री
माध्यमिक विद्यालयों में महिला शिक्षकों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं : उप मुख्यमंत्री

लखनऊ। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री तथा माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा मंत्री डा0  दिनेश शर्मा ने निर्देश दिए कि वित्तविहीन विद्यालयों की मान्यता के संदर्भ में अधिनियम की धारा-7(क) समाप्त कर सभी मान्यताएं धारा-7(4) में दिये गये मान्यता के सम्बन्ध में अधिनियम में संशोधन हेतु निदेशालय द्वारा शासन को भेजे गये प्रस्ताव पर यथाशीघ्र कार्यवाही की जाय। 01 अप्रैल, 2005 के पश्चात नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन दिये जाने के सम्बन्ध में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नीतिगत मामला है जो पूरे प्रदेश के कार्मिकों से सम्बन्धित है। अतः यह प्रकरण वित्त विभाग का परामर्श प्राप्त करने हेतु संदर्भित किया जाय।

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विधान सभा सचिवालय में उ0प्र0 माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष के साथ विचार-विमर्श के दौरान यह निर्देश दिये। उन्होंने प्रदेश के शिक्षकों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा दिये जाने के सम्बन्ध में सामूहिक मेडिक्लेम बीमा योजना लागू किये जाने हेतु दोनों पक्षों से परामर्श लेकर, एक ड्राफ्ट शासन को भेजा जाय, जिस पर सम्यक् रूप से विचार कर निर्णय लिया जा सके। उन्होंने महिला शिक्षकों के उत्पीड़न के सम्बन्ध में कहा कि इस सम्बन्ध में जहां कहीं से भी शिकायत प्राप्त होगी, शासनादेश के अनुसार सम्बन्धित के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी।

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उप मुख्यमंत्री ने माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त पदों पर भर्ती किये जाने हेतु चयन बोर्ड गठित करने के सम्बन्ध में संघ के प्रतिनिधियों को बताया कि राज्य सरकार ने आज ही माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के गठन के अधिसूचना जारी कर दी है तथा उसके अध्यक्ष एवं सदस्यों की भी नियुक्ति के आदेश जारी कर दिये हैं। उन्होंने कहा कि शैक्षिक उन्नयन की दृष्टि से सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में स्वीकृत पदों का पुनरावलोकन करते हुए कम्प्यूटर शिक्षकों के पदों के सृजन पर विचार करेगी ताकि शासन पर कोई वित्तीय भार न पड़े। उन्होंने बताया कि 130 राजकीय विद्यालय में कम्प्यूटर शिक्षकों के पदों के सृजन की प्रक्रिया गतिमान है।

कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार के सम्बन्ध में उप मुख्यमंत्री ने शिक्षा निदेशक को निर्देश दिया कि वे सभी प्रधानाचार्यों से शिक्षकों की शिकायत के सम्बन्ध में 10 मई तक आवेदन प्राप्त करें तथा जून माह में अभियान चलाकर उसका निस्तारण सुनिश्चित करायें। उन्होंने कहा कि मण्डलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों को 01 लाख रुपये की एरियर हेतु धनराशि स्वीकृत करने का जो अधिकार दिया गया है उससे स्थानीय स्तर पर ही समस्याओं का निदान हो सकेगा।

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उप मुख्यमंत्री ने कहा कि चयन बोर्ड से चयनित शिक्षकों को कार्यभार ग्रहण कराने में उनके प्रमाण पत्रों के सत्यापन को वेतन आहरण में बाधा न बनने दिया जाय, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। चयन बोर्ड अधिनियम के तहत विनियमितीकरण के अवशेष प्रकरणों को यथाशीघ्र निस्तारित किया जाये। इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा एवं प्रतिनिधियों के अलावा अपर मुख्य सचिव माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा संजय अग्रवाल, सचिव संध्या तिवारी, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डा अवध नरेश शर्मा के अलावा अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।


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