...कब से बिछड़े आन मिलो अब होली में

…कब से बिछड़े आन मिलो अब होली में

घोंघा सम्मेलन में साहित्यकारों ने प्रवाहित की काव्यधारा


घोंघा सम्मेलन में साहित्यकारों ने प्रवाहित की काव्यधारा

...कब से बिछड़े आन मिलो अब होली में
…कब से बिछड़े आन मिलो अब होली में

गोला गोकर्णनाथ, खीरी। घोंघा मंडली द्वारा घोंघा सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन प्रसिद्व गजलकार मधुकर शैदाई की अध्यक्षता में किया गया। जिसमें मधुकर शैदाई को घोंघा बसंत की उपाधि से नवाजा गया। इस दौरान साहित्यकारों ने कविताओं के माध्यम से श्रोत्राओं को जमकर गुदगुदाया।

भारत भूषण कॉलोनी स्थित सरस्वती शिक्षा मंदिर के प्रांगण में मुख्य अतिथि समाजसेवी वरूण अग्रवाल ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। इसके उपरान्त मनोज कुमार मनुज ने सरस्वती वंदना पढकर काव्य गोष्ठी का शुभारम्भ किया। वरिष्ठ साहित्यकार एवं घोघा मंडली के संरक्षक संतकुमार बाजपेई संत ने कहा कि प्रकृति ने कर लिए हैं सोलहों श्रंगार होली है, हमारे देश को नव वर्ष का उपहार होली है।

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आयोजक कवि नंदी लाल निराश ने काव्य पाठ करते हुए कहा कि भये नसेम तौ दोसरे घरमा फांदि परे, जूता खाइन तीस दुलारे होरी मां।  हितेश सुशान्त ने कहा कि सुनहरी धूप सा उजला तेरा यौवन निखर जाये, कहीं ये आग होली की नया इक जोश भर जाये। पवन कुमार मिश्र ने कहा कि करूं मैं ईश से विनती अगर यह काम हो जाये, हमारा देश भक्तो मे कही नाम हो जाये।

डॉॅ. बेदिल भारती ने कहा कि हमेशा हुई जीत सम की है बेदिल, यही याद हमकों दिलाती है होली। कन्हैया सिंह रास ने कहा कि हरे भरे सब फाग हो, हरे भरे सब लोग, हरे भरे सब राग हो हरे भरे सब भोग। नीलाम्बुज शुक्ल ने कहा कि रंगू मैं रंग ऐसा वह हमारी जान हो जाये, तिरंगा प्राण हो मेरा तन हिन्दुस्तान हो जाये। मुनेन्द्र प्रताप ने कहा कि फिर से उजडे चमन खिलो अब होली में, भूलो शिकवे गिले चलो अब होली में, राह तुम्हारी तकती देहरी मेरी है, कब से बिछडे आन मिलो अब होली में। विनय प्रकाश शुक्ल ने कहा कि रंगो का त्योहार मनाती प्रकृति धरा से अम्बर तक, रंग विरंगे फूल हमेशा खिल जाते हैं होली में। श्रीकांत तिवारी कांत ने कहा कि होली के मौसमें में कांत के दोस्तों, रंग के साथ रंगीन चला करती है।

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पं. जसकरन लाल शर्मा न्यायी ने कहा कि करके ईष्र्या को सभी दहन होलिका आग, तन मन रंग करके सभी मनाओं फाग। इसके अलावा सुधीर अवस्थी, मिथलेश शुक्ला विदेह, अनंग वर्मा, गेंदन लाल कनौजिया, रमेश पांडे शिखर, श्रीपाल वर्मा, मंत्री डॉ. वीरेश चंद्र बाजपेई, श्याम मोहन मिश्र आदि ने काव्य पाठ किया। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि नानक चंद वर्मा सभासद, अरविन्द पांडे, आनन्द प्रकाश शुक्ल, माया प्रकाश शुक्ल, रामकृष्ण मिश्रा, सुशील कुमार शुक्ला समेत तमाम लोग मौजूद रहे।


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